डा.बाबासाहेब आम्बेडकर द्वारा रचित संविधान भारत का मेरूदंड है – अनिल मेश्राम
*भारतीय संविधान ने सभी वर्गो समुदायो को एकजुट रखा – कौशल वर्मा*
*भारत का संविधान विश्व मे सबसे अनूठा और मानवीय – एम.एल. देवांगन*
*संयुक्त मोर्चा ने संविधान दिवस को संविधान पर्व के रूप मे मनाया*
भिलाई /अखिल भारतीय एससी एसटी ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा मनवा कुर्मी भवन शंकर नगर दुर्ग मे संविधान दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। सर्वप्रथम भारतीय संविधान के शिल्पकार डा.बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम ने कहा कि डा.बाबासाहेब आम्बेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान भारत देश का मेरूदंड है जो इतना मजबूत है कि विश्व के सभी देशो के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक क्षेत्र मे चुनौती पेश करता है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा ने कहा कि डा.बाबासाहेब आम्बेडकर के संविधान ने देश के अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग सामान्य वर्ग और सभी समुदायो को एकजुट बनाये रखा और यही उन्नति व प्रगति तथा संवैधानिक शक्ति का प्रमाण है। एम.एल. देवांगन ने कहा कि वंचितो व पिछड़ो के विकास व कल्याण का मार्ग डा.बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर द्वारा निर्मित संविधान से ही प्रशस्त हो सका है हमे एकजुटता के साथ संवैधानिक अधिकारो की प्राप्ति हेतु जागरूक होना चाहिए। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के मुकुंद बंसोड, डी.एल. वर्मा, सुनीत घोष, तेजबहादुर बंछोर, अरुण बघेल, रोशन वर्मा, धरमपाल वर्मा, पोषण साहू, अशोक यादव सहित अन्य सदस्यो द्वारा भारतीय संविधान अमर रहे, भारतीय संविधान जिन्दाबाद के नारे भी लगाये गये।*



