– धनोरा गांव के आयोजक परिवार दामोदर प्रसाद साहू, ओमप्रकाश साहू, रविकांत साहू ने माना आभार
भिलाई। सिहोर कुबेरेश्वर धाम से भिलाई, दुर्ग, धनोरा ग्राम के 200 श्रद्धालुओं का जत्था वापस लौटा। पांच दिवसीय शिवमहापुराण का आयोजन सिहोर में ऑनलाइन धनोरा गांव के दामोदर प्रसाद साहू, उनके पुत्र ओमप्रकाश साहू, रविकांत साहू ने करवाया था। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने पांच दिन तक शिवमहापुराण की कथा सुनाई। श्रद्धालुओं के ग्राम वापसी के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। श्री शिवॉय नमस्तुभ्यं गूंज के साथ साहू परिवार और श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। गाजे-बाजे और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालुओं का स्वागत हुआ। इस जत्थे में 100 महिलाएं भी शामिल रही। शिवमहापुरण कथा विराम पर कथावाचक पं मिश्रा ने आयोजक दामोदर साहू व उनकी पत्नी श्रीमती नंदकुमारी साहू को व्यासपीठ में विराजमान शिवपोथी को सिर पर धारण करवाया। यह आयोजकों व श्रद्धालुओं के लिए सबसे भावुक पल था। सबके नेत्रों में आंसू छलक आए।
मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना
गांव में जैसे ही श्रद्धालु पहुंचे वैसे ही ग्राम सरपंच रूलेश्वरी चंद्रशेखर बंजारे की अगुवाई में ढ़ोल, ताशे और बाजे-गाजे बजने लगे। शिवमहापुराण के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों ने आयोजक दामोदर प्रसाद साहू व उनकी पत्नी श्रीमती नंदकुमारी साहू व सभी श्रद्धालुओं को फूल माला से लाद दिया। गांव के ही दुर्गा माता मंदिर में सबसे पहले साहू परिवार ने पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना की। उसके बाद स्वागत का सिलसिला प्रारंभ हुआ जो कई घंटे तक चला। ग्रामीणों ने इसे एक उत्सव का रूप दिया। बाजे-गाजे के बीच जमकर लोगों ने नृत्य भी किया। फटाखे फोड़े।
00 साहू परिवार ने माना आभार
सिहोर में शिवमहापुराण कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का साहू परिवार ने आभार माना। आयोजक दामोदर प्रसाद साहू ने कहा कि धनोरा गांव में शिवमहापुराण कथा मैदान में आयोजित किया गया था। हमने पूरी तैयारी कर ली थी। प्रशासन ने यहां चार बार आकर कथा स्थल का निरीक्षण किया लेकिन लगातार बारिश की वजह से कथा को ऑनलाइन करवाना पड़ा। उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग करने वालों का आभार माना। विदाई के दौरान सिहोर में श्री विठ्ठलेश सेवा समिति का भी उन्होने आभार प्रकट किया।
कुबेरेश्वर महादेव ऐसी झोली भरेंगे कि कथा पंडाल में हो- पं. मिश्रा
सिहोर में कथा के विराम दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बाबा कुबेरेश्वर महादेव धनोरा ग्रामवासियों की ऐसी झोली भरेंगे कि आने वाले दिनों में शिवमहापुराण कथा पंडाल में हो। उन्होने कहा कि ऐसी यह पहली कथा है जिसमें किसी गांव से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजक परिवार के साथ आया है और ऑनलाइन कथा सुन रहा है। गांव के लोग भी वहां बड़ी स्क्रीन पर कथा श्रवण कर रहे हैं। उन्होने कहा कि कुबेरेश्वर महादेव की धरा कंकर-शंकर की धरा है। यहां आने वालों की बाबा झोली जरूर भरते हैं। पर विश्वास जरूरी है। उन्होने कहा कि यह धाम पूरे 12 ज्योर्तिलिंगों के मध्य का बिंदु हैं इसलिए यहां दर्शन मात्र करने से पूरे ज्योर्तिलिंग का फल प्राप्त हो जाता है। पांच दिवसीय कथा में बाबा भोलेनाथ व माता पार्वती संवाद से जुड़ी कथाएं सुनाई।
रोजाना भोजन प्रसादी पाई श्रद्धालुओं ने
सिहोर में कथा सुनने गए श्रद्धालुओं ने कुबेरेश्वर धाम स्थित भोजनालय में प्रसादी भी रोजाना ग्रहण किया। यहां लाखों श्रद्धालु प्रसादी पाते हैं। यहां के श्रद्धालुओं ने रूद्राण भी प्राप्त किया। इस धाम के रूद्राक्ष की बड़ी महिमा है जो भक्तों को आरोग्यता प्रदान करती है। जितनी भी बड़ी बीमारी हो रूद्राक्ष को पानी में गलाकर उसे शिवजी को समर्पित कर कुछ भाग लोटे में झेलकर घर लाना है और बाबा का नाम लेकर उसे ग्रहण करना है। ऐसे करने से धीरे-धीरे रोग समाप्त होने लगता है। कथावाचक पं. मिश्रा ने मिले पत्रों को पढ़कर इसके प्रमाण भी दिए।



