कक्षा 8 – 9 कैरियर चयन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय
रोजगार के 5000 अवसर पर लोगों कों 7 विषयों की जानकारी
कैरियर को हमेशा सॉफटवेयर की तरह अपडेट करते रहें
भिलाईनगर/ सिक्ख व पंजाबी विद्यार्थियों के लिए आयोजित कैरियर काऊंसिंलिग कार्यशाला में कैरियर सलाहकार डॉ अजीत वरवंडकर ने कहा है कि विद्यार्थियों के कैरियर चयन के लिए कक्षा 8वी – 9वीं का समय सर्वश्रेँष्ठ समय है। विद्यार्थियों को अच्छे अंक तभी मिलते है जब उनकी विषय के प्रति रुचि हो। वे आज सिक्ख व पंजाबी विद्यार्थियों के लिए कैरियर काऊंसिलिग कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन और कोलंबिया ग्रुप्स ऑफ इस्टीट्रयूशन्स क संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इसमें एसोसियेशन के संयोजक जे.एस.बॉम्बरा, अध्यक्ष एच.एस. धींगरा, सचिव बी.एस. सलूजा एजुकेशन समिति के चेयरमैन प्रो. (डॉ) बी.एस. छाबड़ा, दुर्ग के समन्यवक सी.एस. बाजवा और कोलंबिया ग्रुप्स ऑफ इस्टीट्यूशन के सचिव हरजीत सिंह हुरा उपस्थित थे।
प्रगति भवन, सिविक सेन्टर में डॉ. वरवंडकर ने आगे कहा कि विद्यार्थी जो भी काम करते हैं वे उसे शिद्दत से करें। साथ ही रोजगार के दौरान अपने कैरियर को एक सॉफट्वेयर की तरह से अपडेट करते रहें । इसका उन्हें भविष्य में काफी लाभ होगा। भविष्य के रोजगार के लिए विषय का चयन करने के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी विषय बुरा नहीं होता वरन हर विषय कैरियर को आगे ले जाता है। सभी विषयों में रोजगार की अच्छी संभावना होती है। यह जरूरी नहीं है कि गणित भौतकी और रसायन विषय़ ही लिया जाए। अन्य विषयों को ले कर भी रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। जीवन में गणित विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी किसी भी विषय़ में अध्ययन करें पर उनका गणित का ज्ञान काफी अच्छा होना चाहिए। यह जीवन के हर हमेशा काम आता रहता है। उन्होंने कार्यशाला में शामिल खालसा पब्लिक स्कूल डोंगरगढ़ की प्राचार्य श्रीमती सुप्रीत कौर धालीवाल से आग्रह किया कि वे अपने स्कूल में भी गणित की पढ़ाई पर शुरु से ही जोर दे।
डॉ. वरवंडकर ने एक शोध के अध्ययन के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि हर 10 सालों में नई तकनीकों के आने के कारण लगभग 65 प्रतिशत पाठ्यक्रमों के विकल्प रोजगार के लिए खत्म हो जाते है। उन्होंने कहा कि लोग मकान खरीदने के लिए 6 माह, मोटरसायकल खरीदने के ले 30 दिन, मोबाईल खऱीदने के लिए 6 घंटे तक का समय लेते हैं। वहीं कैरियर के मामले में लोगों ने साढ़े 4 घंटे में यह तय कर लिया कि उन्हें क्या विषय लेना है, यह उचित नहीं है। बेहतर कैरियर निर्माण के लिए विद्यार्थियों व उनके पालकों को आनन – फानन या दूसरों को देखा देखी निर्णय नहीं लेना चाहिए वरन इसके लिए विद्यार्थी की रुचियों के अनुसार सोच समझ कर निर्णय लेना चाहिए। एक बार कैरियर हेतु विषय का चयन कर लेने के बाद फिर लक्ष्य बना कर पढ़ाई करना चाहिए।
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार 93 प्रतिशत विद्यार्थी और उनके पालकों को सिर्फ 7 विषयों के रोजगार वाले कैरियर की जानकारी है, जबकि भारत में ही 5000 से भी ज्यादा रोजगार वाले कैरियर हैं। डॉय वरवंडकर के अनुसार कम्प्यूटर क्रांति के कारण आई नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की तकनीक के अंतर्गत एआई, जेमिनी, गूगल चैटबाक्स की तकनीक ने सभी क्षेत्रों में हलचल मचा दी है।
कैरियर के लिए रोजगार के बारे में डॉ. वरवंडकर ने बताया कि इससे समाज में सम्मान, प्रसिध्दि,पैसा,जीवन में संतोष और शांति, सुरक्षा और स्थायित्व, खुशी और आनंद मिलता है। इस कारण कैरियर एक महत्वपूर्ण विषय है। जिसका सही चयन किया जाना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि कैरियर निर्माण के लिए एक मुख्य विषय के साथ ही एक दूसरा विकल्प “बी प्लान” रखना चाहिए। ताकि यदि किसी कारण से सफलता न मिले तो प्लान बी के अनुसार कार्य किया जा सके। इसी प्रकार से विद्यार्थियों को 11वीं में एक अतिरिक्त विषय लेना चाहिए। जो उनकी रुचि का विषय हो, इसके कई फायदे मिलते हैं। बेहतर भविष्य के लिए विद्यार्थियों को सही शिक्षा के साथ सही कैरियर मार्दर्शन मिलना चाहिए। वर्तमान में शिक्षा की विधाएं विषय और कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने के कारण यह विद्यार्थियों के लिए एक स्वर्ण युग है। विद्यराथियों को जिस दिशा में नहीं जाना है उन्हें उस क्षेत्र में पढ़ाई नहीं करना चाहिए।
इस अवसर पर युवा कैरियर सलाहकार नवदीप कौर छाबड़ा ने भी कामर्स और मैनेजमैंट विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट के लिए 10 विषयों में अध्ययन की सुविधा है जबकि बड़े शहरों में नये विषयों सहित कुल 20 विषयों में एमबीए किया जा सकता है। कोलंबिया ग्रुप ऑफ इंस्टीयूशन रायपुर व्दारा विभिन्न विषयों को पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर गुरुनानाक स्कूल भिलाईनगर के अध्यक्ष निर्मल सिंह रंधावा, खालसा पब्लिक स्कूल डोंगरगढ़ की प्राचार्य श्रीमती शिवप्रीत कौर धालीवाल, शिक्षिका श्रीमती अमित कौर, भिलाई इस्पात के स्पोर्टस अधिकारी परविन्दर सिंह, गुरवीर सिंह, छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के जगदीश सिंह, तेजपाल सिंह हंसपाल, श्रीमती रविन्दर बॉम्बरा, श्रीमती कमलेश चावला, श्रीमती रविन्दर कौर बाजवा, देविन्दर कौर हंसपाल उपस्थित थीं।



