September 17, 2021

परिवार का समर्थन मिलने से मधुमेह में हो सकता है सुधार

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नई दिल्ली। टाइप-1 मधुमेह एक गंभीर व चुनौतीपूर्ण बीमारी है, जो अक्सर बच्चों पर हमला करती है। एक नए शोध का कहना है कि परिवार का समर्थन मिलने से युवा वयस्कों की इस बीमारी में सुधार हो सकता है। यह अध्ययन जामा नेटवर्क ओपन नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में पाया कि 30 वर्ष से कम उम्र के जिन लोगों को टाइप 1 मधुमेह है, अगर उनके परिवार से अच्छे संबंध हैं, तो उनके सही होने की संभावना बढ़ जाती है।

न्यूयॉर्क के कूपरस्टाउन में कोलंबिया-बैसेट प्रोग्राम के शोधकर्ता डॉ. रॉबर्ट व्हिटेकर का कहना है कि टाइप 1 मधुमेह कुछ परिवारों को तोड़ सकता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की देखभाल करने वाले लोग इससे विचलित हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता को पूरी तरह से बच्चे के संपर्क में रहना बेहद जरूरी है। न्यूयॉर्क के मोंटेफोर हॉस्पिटल में डॉ. मौली रेगेलमैन ने कहा, मधुमेह को सही करने के लिए ब्लड शुगर और इंसुलिन पर लगातार नजर रखना जरूरी है। पीड़तिों को अपने खाने, ब्लड शुगर के स्तर, शारीरिक गतिविधि के स्तर और इंसुलिन की खुराक पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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