January 20, 2022

कोरोना काल में वंचित समुदाय का सहारा बना बौद्ध समाजराशन व मेडिकल किट के साथ डाक्टरों का परामर्श भी उपलब्ध करा रहा

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भिलाई। बौद्ध समाज इस कोरोना संक्रमण काल में समाज को लौटाने की पहल के तहत विभिन्न क्षेत्रों में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहा है। जिसमें वंचित समुदाय को राशन व मेडिकल किट देने के साथ डाक्टरों का परामर्श व फूड पैकेट तक की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अंबेडकर संस्कृतिक भवन सेक्टर-6 भिलाई नगर धार्मिक सांस्कृतिक तथा समाज निर्माण का केंद्र होने के साथ-साथ इन दिनों सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन का मुख्यालय बना हुआ है।
यहां भारतीय बौद्ध महासभा भिलाई नगर, यूथ फॉर अंबेडकरिज्म भिलाई तथा अंबेडकर स्वास्थ्य मिशन दुर्ग भिलाई द्वारा समाज कल्याण और समाज सेवा में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय बौद्ध महासभा भिलाई द्वारा पिछले वर्ष सूखा राशन बांटा गया था। इस वर्ष विभिन्न झुग्गी बस्तियों में पल्स ऑक्सीमीटर थर्मामीटर सैनीटाइजर तथा मास्क बांटा जा रहा है।
इसी के साथ डॉक्टर अंबेडकर स्वास्थ्य मिशन के डॉक्टर उन्हें कोरोना महामारी से बचने के लिए उपाय बताते हुए वैक्सीनेशन के लिए उनके मन की भ्रांतियों को दूर कर उन्हें जागरूक कर रहे हैं। वेबीनार के द्वारा जागरूकता अभियान और एक कोविड-हेल्प लाइन बनाई गई है। जिसमें में 12 डॉक्टरों ने अपने फोन नंबर सार्वजनिक कर लगातार लोगों से वार्तालाप की पहल की है। जिससे ऐसे मरीजों का मनोबल बढ़ाने तधा सही मार्गदर्शन में सहायता मिल रही है।
यूथ फॉर अंबेडकरिज्म की भिलाई टीम की ओर से अंबेडकर भवन सेक्टर 6 में सामुदायिक रसोई का संचालन भी किया जा रहा है। जिसमेंे कोरोनावायरस पीड़ितों,असहाय व वंचित समुदाय तक भोजन पका कर फूड के रूप में बांटा जा रहा है। इसमें लगभग 2000 से ज्यादा लोगों को फूड पैकेट बांटा जा चुका है तथा दाल ,तेल ,मसाले, टूथपेस्ट साबुन तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री सहित राशन के पैकेट 200 से ज्यादा घरों में बांटा जा रहा है। आवश्यक दवाओं की एक किट बनाकर भी जरूरतमंदों तक पहुंचाने का कार्य यूथ फॉर अंबेडकरिज्म के सदस्य लगातार कर रहे हैं।
अति जरूरतमंद लोगों तक कुछ राशि नगद रुपए के रूप में उनकी आवश्यकता पूर्ति के लिए भी दी जाती है। यूथ फॉर अंबेडकरिज्म के मार्गदर्शक सुभाष बनसोडकर का कहना है कि राशन लाकर पकाने ,पैकेजिंग करने और बांटने के दौरान कोरोना संक्रमण का काफी खतरा रहता है फिर भी बौद्ध समाज के युवा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर तथा अपनी जान जोखिम में डालकर समाज सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। समाज में युवाओं की सक्रियता देख सभी धर्म तथा संप्रदाय के लोग भिलाई-दुर्ग के अलावा अन्य जगह से भी दानदाता बढ़-चढ़कर दान दे रहे हैं और यूथ फॉर अंबेडकरिज्म संस्था की तारीफ भी कर रहे हैं।