September 17, 2021

लाकडाउन में भिलाई में फंसे बनारस और मिर्जापुर के छात्रों ने कहा, छत्तीसगढ़ में घर जैसा अच्छा इंतजाम

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भिलाई /आपदा की इस घड़ी में लाकडाऊन में फंसे लोगों की बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जा सके, इस दिशा में जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिले भर में अलग-अलग स्थानों में 10 आश्रयस्थल हैं जहां साढ़े चार सौ लोग ठहरे हैं। इन आश्रय स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लोगों के लिए बेड वगैरह की सुविधाएँ उपलब्ध की गई हैं। समय-समय पर नाश्ता-खाना तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उदाहरण के लिए भिलाई के प्रियदर्शिनी परिसर में यूपी और बिहार के स्टूडेंट ठहरे हैं। इन्होंने बताया कि लाकडाउन की वजह से वे वापस नहीं जा पाये। निगम के अधिकारियों ने हमें यहां ठहराया। हमारी चिंता दूर हुई और घर वालों की भी चिंता दूर हुई है। राज्यपाल भी हमसे मिलने आई थी। कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने भी मिलकर हमसे सुविधाओं की जानकारी ली। इस तरह से हमारा ख्याल रखा गया। छत्तीसगढ़ में लाकडाउन के दौरान बाहर से फंसे लोगों के लिए अच्छी सुविधा दी गई है। हमें घर जैसा महसूस हो रहा है। इन केंद्रों की मानिटरिंग कर रहे भिलाई निगम के अधिकारी श्री अजय शुक्ला ने बताया कि लाक डाउन के पश्चात सर्वे कर ऐसे लोगों का चिन्हांकन किया गया जो फंस गए थे और जिनके पास किसी तरह का आसरा नहीं था। इन लोगों को आश्रयस्थल लाया गया। इनके भोजन और नाश्ते का प्रबंध किया गया है। श्री शुक्ला ने बताया कि कई श्रमिक लाकडाउन के दौरान फंस गए थे। कुछ स्टूडेंट भी फंसे हुए हैं इन्हें भी आश्रय स्थल में ठहराया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ आश्रयस्थलों में टेलीविजन की सुविधा भी उपलब्ध है ताकि लाकडाउन पीरिएड के दौरान फंसे हुए लोगों का मनोरंजन होता रहे। गर्मी के सीजन को देखते हुए आमोद भवन आश्रयस्थल में कूलर की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। सभी आश्रय स्थलों में मेडिकल टीम भी समय-समय पर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी करती है। आश्रयस्थल में लोग मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचे रहें। इसके लिए मच्छरदानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी निरंतर इन आश्रयस्थलों का दौरा करते रहते हैं। बीते दिनों राज्यपाल सुश्री अनुसूइया उइके भी भिलाई स्थित प्रियदर्शिनी परिसर में आई। उन्होंने यहां के इंतजाम को देखते हुए खुशी जताई थी। प्रियदर्शिनी परिसर में रूके श्रमिकों ने चर्चा में बताया कि यहां किसी तरह की दिक्कत नहीं है। लाकडाउन में हम लोगों ने सोचा था कि काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यहां पर आकर हम संतुष्ट है और लाकडाउन की यह अवधि आसानी से बिना किसी दिक्कत के बीता देंगे।