रायपुर :
केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला एवं खपरी पहुंचे। उन्होंने खेत भ्रमण, वृक्षारोपण तथा किसान संवाद कार्यक्रमों में भाग लिया। केन्द्रीय मंत्री ने इस दौरान किसानों से सीधा संवाद कर आधुनिक कृषि तकनीकों, केंद्र सरकार की योजनाओं और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
ग्राम गिरहोला में किया वृक्षारोपण
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ग्राम गिरहोला में आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आर्थिक लाभ का भी स्रोत बन सकता है। वृक्षारोपण के पश्चात् केंद्रीय मंत्री ने यहां उन्होंने कृषि फार्मों में अपनाई जा रही नवीन खेती तकनीकों, फसल विविधीकरण एवं उत्पादन पद्धतियों का गहन अवलोकन किया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने स्थानीय किसानों से बातचीत की और बागवानी फसलों में आ रही समस्याओं के समाधान पर मार्गदर्शन दिया। किसानों ने भी अपने अनुभव, सुझाव एवं चुनौतियां साझा कीं, जिन पर केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
खपरी में कृषि फार्म का दौरा एवं किसान संवाद
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान, ग्राम खपरी के अनिल कृषि फार्म पहुंचे, जहां उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया और स्थानीय किसानों से संवाद किया। खपरी में आयोजित बैठक में किसानों एवं अधिकारियों के साथ कृषि संबंधी समस्याओं, उत्पादन लागत, विपणन एवं विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की।
किसान चौपाल में प्रेरक कृषक संवाद
किसान चौपाल में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वप्रथम प्रगतिशील किसानों को बधाई दी। उन्होंने किसानों से संवाद की शुरुआत करते हुए पूछा कि पहले कौन-सी खेती की जाती थी, उससे कितना लाभ होता था और अब बागवानी खेती से कितना फायदा हो रहा है। किसानों ने बताया कि धान की पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी फसलों से अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। इस पर मंत्री श्री चौहान ने फसल विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताते हुए अन्य किसानों को भी बागवानी एवं आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं पर विशेष जोर
किसान संवाद के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना-छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभांतरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना-प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की सुरक्षा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-कृषि नवाचार एवं उत्पादन वृद्धि, डिजिटल कृषि मिशन-तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा, ड्रोन तकनीक-फसल निगरानी, कीटनाशक छिड़काव एवं लागत में कमी, प्राकृतिक खेती एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं-सतत एवं जल-संरक्षित कृषि उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि करें।



